Sunday, January 6, 2013
बेताज का राज
महाराष्ट्र का सरताज खुद को बताने वाले राज ठाकरे...राजनेता कभी नहीं हो सकते...क्योंकि वो राजनेता नहीं...एक भ्रष्ट नेता हैं....ठाकरे चाहते हैं कि दिल्ली गैंगरेप मामले में शामिल अपराधियों को बिहारी नाम देकर.....खुद लोगों के बीच मसीहा बनेंगे...लेकिन सच्चाई इससे अलग है....सच्चाई तो यह है....कि वो महाराष्ट्र के सीधे-सादे लोगों में बिहारी के प्रति नफरत की बू डालना चाहते हैं....और उसका फायदा खुद उठाना चाहते हैं....जिस तरह से महाराष्ट्र में राज ने काले कारनामों का राज चला रखा है...उससे लोगों का ध्यान हटाने के लिए ये राज के चाल के अलावा कुछ नहीं है....अच्छे बुरे सब जगह हैं....अगर राज खुद स्वच्छ व्यक्तित्व के हैं...तो बतायें की उनके आस-पास की लड़कियां भी खुद को असुरक्षित महसूस क्यों करती हैं....ये घटिया राजनीति करने वाले राज ठाकरे...उस वक्त कहां थे....जब लड़कियों का इजज्त लूटा जाता है....ये उस रैपिस्ट को मारने के लिए फतवा क्यों नहीं जारी करता.....आखिर घटिया राजनीति करना कोई सीखे...तो वो राज से सीखे...किसी की इज्जत लुटती है....कोई राजनीति करता है...
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