Sunday, June 7, 2015

एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में टिंटू लूका ने जीता स्वर्ण


भारतीय महिला धावक टिंटू लूका ने चीन में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के महिला वर्ग में 800 मीटर दौड़ प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक जीता ।  प्रतियोगिता के आज आखिरी दिन भारत ने टिंटू लूका के एक स्वर्ण पदक के साथ ही दो रजत और दो कांस्य पदक भी हासिल किए ।
 इस जीत के साथ ही लूका ने अगस्त में होने वाली बीजिंग विश्व चैंपियनशिप और वर्ष 2016 में होने वाली रियो ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया ।
 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत कुल 4 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य पदक के साथ तीसरे स्थान पर रहा । वहीं चीन 15 स्वर्ण, 13 रजत और 13 कांस्य पदक के साथ पहले, कतर 7 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य के साथ दूसरे,
जापान 4 स्वर्ण, 3 रजत और 11 कांस्य के साथ चौथे और  बहरीन 3 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक के साथ पांचवें स्थान पर रहा ।
 गौरतलब है कि चीन के वुहान में आयोजित 21वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत ने कुल चार स्वर्ण, पांच रजत और चार कांस्य पदक हासिल किए ।

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Monday, June 1, 2015

योजना 'जन औषधि' के तहत खोले जाएंगे 1000 और दुकानें

केंद्र सरकार लोगों को कम दामों में गुणवत्तापूर्ण दवाई उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयास कर रही है । सरकार ‘जन औषधि योजना’ के तहत करीब एक हज़ार और स्टोर्स खोलने का प्रस्ताव किया है। स्टोर्स के खुलने से लोगों को सस्ते दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनरिक दवाई मिल सकेंगे । रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री हंसराज अहिर ने कहा, ‘ये स्टोर्स ग़रीब और वंचितों के लिए खोले जाएंगे, जिससे कि उन्हें बाज़ार मूल्यों से करीब 60 से 70 फ़ीसदी कम दरों दवाई उपलब्ध कराई जाएगी।’ उन्होंने आगे कहा कि उनका मंत्रालय जन-धन औषधि योजना के तहत एक ही दिन में 1000 स्टोर्स खोलने पर कार्य कर रहा है । इसके लिए स्टोकरों का फिर से नामकरण और ब्रांडिंग की जाएगी, जिसमें फार्मा उपाधि धारक बेरोजगारों को शामिल किया जाएगा ।

Sunday, January 6, 2013

बेताज का राज

महाराष्ट्र का सरताज खुद को बताने वाले राज ठाकरे...राजनेता कभी नहीं हो सकते...क्योंकि वो राजनेता नहीं...एक भ्रष्ट नेता हैं....ठाकरे चाहते हैं कि दिल्ली गैंगरेप मामले में शामिल अपराधियों को बिहारी नाम देकर.....खुद लोगों के बीच मसीहा बनेंगे...लेकिन सच्चाई इससे अलग है....सच्चाई तो यह है....कि वो महाराष्ट्र के सीधे-सादे लोगों में बिहारी के प्रति नफरत की बू डालना चाहते हैं....और उसका फायदा खुद उठाना चाहते हैं....जिस तरह से महाराष्ट्र में राज ने काले कारनामों का राज चला रखा है...उससे लोगों का ध्यान हटाने के लिए ये राज के चाल के अलावा कुछ नहीं है....अच्छे बुरे सब जगह हैं....अगर राज खुद स्वच्छ व्यक्तित्व के हैं...तो बतायें की उनके आस-पास की लड़कियां भी खुद को असुरक्षित महसूस क्यों करती हैं....ये घटिया राजनीति करने वाले राज ठाकरे...उस वक्त कहां थे....जब लड़कियों का इजज्त लूटा जाता है....ये उस रैपिस्ट को मारने के लिए फतवा क्यों नहीं जारी करता.....आखिर घटिया राजनीति करना कोई सीखे...तो वो राज से सीखे...किसी की इज्जत लुटती है....कोई राजनीति करता है...

Thursday, November 15, 2012

Saturday, October 27, 2012